इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सरकार और सैन्य नेतृत्व ने सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में ऊर्जा ठिकानों पर ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि ईरान के हमलों की वजह से क्षेत्र में जंग और भड़क सकती है। बता दें कि ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कराने के लिए आखिरी कोशिशें कर रहा था। यह प्रयास अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तय की गई शांति समझौते की समयसीमा खत्म होने से पहले किए जा रहे थे।
शहबाज ने प्रिंस सलमान ने क्या कहा
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर बात की और सऊदी अरब के प्रति पाकिस्तान की 'अटूट एकजुटता' जताई। उन्होंने अल-जुबैल तेल संयंत्र पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा, 'हम अपने सऊदी भाइयों और बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।' विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान सरकार 'ईरान द्वारा सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में ऊर्जा ठिकानों पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों की गहरी चिंता के साथ स्पष्ट निंदा करती है।'
मुनीर ने सैन्य अधिकारियों संग की बैठक
पाकिस्तानी सेना ने भी इन हमलों को 'बेवजह भड़काने वाला' बताया और कहा कि इससे शांतिपूर्ण तरीके से समाधान निकालने की कोशिशों को नुकसान पहुंचता है। रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वॉर्टर में फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर की अध्यक्षता में हुई 274वीं कोर कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा स्थिति की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में जनरलों ने सऊदी अरब के पेट्रोकेमिकल और औद्योगिक ठिकानों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की।
'सऊदी अरब ने अब तक संयम दिखाया है'
सेना के बयान में कहा गया कि 'सऊदी अरब ने गंभीर उकसावे के बावजूद अब तक संयम दिखाया है, जिससे मध्यस्थता और कूटनीतिक समाधान का रास्ता खुला था। लेकिन ऐसे हमले शांति के प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।' विदेश मंत्रालय ने खाड़ी देशों में हुए हमलों में जान-माल के नुकसान पर दुख जताया और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की निंदा की। पाकिस्तान ने इन हमलों को सऊदी अरब की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन बताया और कहा कि यह क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा है।
दोनों देशों के बीच हुआ था अहम समझौता
बता दें कि पाकिस्तान ने सऊदी सुरक्षा के लिए अपने अटूट समर्थन को भी दोहराया। दोनों देशों के बीच पिछले साल एक रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौता हुआ था, जिसके तहत किसी एक देश पर हमला दोनों पर हमला माना जाएगा। इसके अलावा, पाकिस्तान ने इजरायली बलों द्वारा अल-अक्सा मस्जिद में घुसने की घटना की भी 'कड़े शब्दों में निंदा' की। विदेश मंत्रालय ने इसे पवित्र स्थल की गरिमा और ऐतिहासिक स्वरूप पर सीधा हमला और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।